कोई कैसे किसी चीज को कैसे पूरा का पूरा, सम्पूर्णता में देखे?

कोई कैसे किसी चीज को कैसे पूरा का पूरा, सम्पूर्णता में देखे? कोई कैसे भय को पूरा का पूरा देखे, ना कि भय को विभिन्न रूप और आकारों में बंटा…

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