ध्यान, ज्ञान-विवेक का प्रारंभ है

जो अज्ञेय है उसे ग्रहण करने, उसे आत्मसात करने के लिए मन को भी ज्ञान रहित, ज्ञात रहित होना होगा। मन विचार प्रक्रिया का परिणाम है, काल का परिणाम है…

Read more »